डी.ए.वी. जेंजरा के नन्हे फ़रिश्तों ने सजाया हरियाली का जादुई संसार

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डी.ए.वी. जेंजरा के नन्हे फ़रिश्तों ने सजाया हरियाली का जादुई संसार

 



कोरबा।।

डी.ए.वी. विद्यालय, जेंजरा में 03/08/2026 को आयोजित “द मैजिकल फॉरेस्ट – द ग्रीन डे” कार्यक्रम बच्चों की खिलखिलाती मुस्कान, रंग-बिरंगी वेशभूषा और प्रकृति के प्रति उनके निश्छल प्रेम का अद्भुत संगम बन गया। पूरे विद्यालय परिसर में ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो हरियाली, परियाँ, जंगल, फूल, पेड़ और प्रकृति स्वयं बच्चों के साथ उत्सव मना रहे हों।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या डॉ. राज रेखा शुक्ला के प्रेरणादायी उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पौधारोपण करने, जल, जंगल और भूमि की रक्षा करने तथा पर्यावरण को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “आज के यही नन्हे हाथ कल हमारी धरती के सच्चे रखवाले बनेंगे।”इसके पश्चात कक्षा-वार प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को सचमुच एक जादुई वन में परिवर्तित कर दिया।नर्सरी एवं एल.के.जी. के नन्हे-मुन्ने बच्चे जब परी, फल, फूल, पेड़ और सब्जियों की आकर्षक वेशभूषा में मंच पर आए, तो ऐसा लगा मानो प्रकृति स्वयं बच्चों के रूप में मुस्कुरा उठी हो। उनकी मासूम अदाओं ने सभी का हृदय जीत लिया।यू.के.जी. के विद्यार्थियों ने जंगल थीम पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी चंचल प्रस्तुति ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया मानो पूरा जंगल बच्चों के साथ आनंदपूर्वक झूम रहा हो।कक्षा 1 के विद्यार्थियों ने वन संरक्षण पर आधारित प्रभावशाली स्किट प्रस्तुत कर पेड़ों के महत्व और जंगलों को बचाने का सशक्त संदेश दिया। उनकी प्रस्तुति ने सभी को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराया।कक्षा 2 के बच्चों ने मिट्टी, वृक्ष और पर्वत जैसे प्रकृति के अनमोल उपहारों पर आधारित ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुत किया। उनके मनमोहक प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि धरती का प्रत्येक तत्व हमारे जीवन का आधार है।

कक्षा 3 के विद्यार्थियों ने थिंकर बेल, फेयरी और डिज़्नी कैरेक्टर्स का रूप धारण कर महासागरों और पृथ्वी को प्रदूषण से बचाने का प्रेरक संदेश दिया। उनकी कल्पनाशील प्रस्तुति ने बच्चों और अभिभावकों को समान रूप से मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं कक्षा 4 के विद्यार्थियों ने फेयरी टेल की जादुई दुनिया के माध्यम से पृथ्वी और महासागरों की सुरक्षा का संदेश अत्यंत रोचक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शाया कि प्रकृति की रक्षा ही भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्या डॉ. राज रेखा शुक्ला ने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को प्रकृति संरक्षण, अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा वनों की रक्षा करने की शपथ दिलाई। सभी ने मिलकर हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण का संकल्प लिया।
बच्चों की मासूम मुस्कान, उनकी रंगीन कल्पनाएँ, मनमोहक प्रस्तुतियाँ और प्रकृति के प्रति उनका स्नेह पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी पहचान बने। “द मैजिकल फॉरेस्ट – द ग्रीन डे” केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि नन्हे बच्चों में पर्यावरण संरक्षण का बीज बोने वाला प्रेरणादायी उत्सव बन गया।