एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला (कोरबा) में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया हरेली पर्व, विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

18

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला (कोरबा) में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया हरेली पर्व, विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

 

 


कोरबा

छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक पर्व ‘हरेली’ के पावन अवसर पर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला, कोरबा में बड़े ही उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ उत्सव मनाया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न पारंपरिक और मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ‘हाउसेस’ (Houses) के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिताओं के मुख्य आकर्षण एवं परिणाम

​हरेली तिहार के इस खास मौके पर विद्यालय में सीनियर और जूनियर वर्ग के अंतर्गत कई रोमांचक खेल और कला प्रतियोगिताएं संपन्न हुईं, जिनका विवरण इस प्रकार है:

​रस्साकसी (Tug of War): सीनियर और जूनियर दोनों वर्गों में प्रति हाउस 12-12 विद्यार्थियों ने पूरी ताकत और तालमेल के साथ जोर आजमाइश की।

​फुगाड़ी: छत्तीसगढ़ का पारंपरिक खेल फुगाड़ी सीनियर और जूनियर वर्ग में प्रति हाउस 5-5 बच्चों द्वारा उत्साहपूर्वक खेला गया।
​बोरा रेस (Sack Race): इस मजेदार दौड़ प्रतियोगिता में सीनियर और जूनियर वर्ग से प्रति हाउस 2-2 बच्चों ने भाग लिया।

​जलेबी रेस: केवल जूनियर वर्ग के लिए आयोजित इस स्वादिष्ट और रोमांचक दौड़ में प्रति हाउस 4 बच्चों ने अपनी फुर्ती दिखाई।

​नारियल गोला फेंक: सीनियर वर्ग के लिए आयोजित इस पारंपरिक खेल में प्रति हाउस 4 प्रतिभागियों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
​म्यूजिकल चेयर: संगीत की धुन पर आधारित इस चेयर रेस में सीनियर और जूनियर दोनों वर्गों से प्रति हाउस 5-5 बच्चों ने हिस्सा लिया।
​रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिता: सीनियर और जूनियर वर्ग के बच्चों ने अपनी कलात्मक क्षमता का परिचय दिया

​संस्कृति से जुड़ाव का संदेश

​विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों को हरेली पर्व के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि यह पर्व हमारी कृषि संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक खेलों का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में आपसी भाईचारा, टीम वर्क और अपनी संस्कृति के प्रति जुड़ाव की भावना मजबूत होती है।

​सभी प्रतियोगिताओं में विजयी रहे प्रतिभागियों और उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को विद्यालय परिवार द्वारा बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के गीतों और उल्लासपूर्ण वातावरण के साथ हुआ।