कोरबा// पुलिस प्रशासन के मौन रवैय्या पर उठ रहा सवाल : 18 माह से लूट का आरोपी : शहर में घूम रहा खुलेआम…पढ़े पूरी खबर

105

बेखौफ घूम रहे लूटपाट का आरोपी, पुलिस नहीं कर रही गिरफ्तार, अपर सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट ने जमानत याचिका कर दी है खारिज

कोरबा।

करीब 15 माह पहले आधी रात दो बदमाश राइसजादे मेन रोड स्थित पॉम माल के ओ एन सी (वन नाइट क्लब) में जबरन घुस आए। लात मार कर दरवाजा खुलवाया, फिर गुंडागर्दी करते हुए शराब की बोतलें गटकी। मना करने पर गाली गलौज और गल्ले से 2000 रूपए लूट कर चल दिए। ओएनसी के मैनेजर की रिपोर्ट दर्ज हुई, पुलिस को एफआईआर के बाद भी शहर में बेखौफ घूमते आरोपियों को ढूंढने में एक साल लग गए। हाल ही में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया पर दूसरे की तलाश  जारी है जो आए दिन कोतवाली समेत थाने चौकी के अपने दोस्तों का हाल जानने पहुंचता रहता है। खास बात यह है कि आरोपियों की जमानत याचिका क्रमांक 390/ 2023 न्यायालय अपर सेशन न्यायधीश (एफ टी एस सी) आदेश दिनांक 6/10/2023 और हाई कोर्ट बिलासपुर ने जमानत याचिका एम सी आर सी ए 1299 ऑफ 2023 के आदेश में जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसके बाद भी शहर में बेखौफ घूमते आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है।

यह तब हो रहा है जब पुलिस कप्तान के निर्देश पर फरार वारंटीयों की गिरफ्तारी की जा रही है। वही पीड़ित ने पुनः एक शिकायत एसपी के समक्ष पेश करते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया है। उसका कहना है कि खुलेआम शहर सीना ताने घूम रहे दूसरे आरोपी से उसे जान का खतरा है, जो कहता फिरता है कि उसकी पहुंच के आगे पुलिस कुछ नहीं, जो उसे पकड़ने की हिमाकत कर सके।

 

खुद को बड़ी राजनीतिक पहुंच वाला कहकर लोगों को डराने धमकाने के कारोबार के लिए चर्चित इस दूसरे आरोपी को अब भी पुलिस कार्यवाही का कोई डर नही। एसपी से लिए शिकायत में लिखा है कि पुलिस चौकी सीएसईबी के अपराध क्रमांक-1298/2022 धारा-457, 392, 384, 294, 506, 34 भादवि के आरोपी को पुलिस द्वारा पैसा लेकर बचाने का प्रयास किया जा रहा है। असलम का कहना है कि शहर के वन नाईट क्लब पॉम मॉल में 24 दिसंबर 2022 की दरम्यानी रात एक घटना हुई। इस के संबंध में यह अपराध विभिन्न धाराओ के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया और विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा जिन धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है, वह काफी गंभीर एवं संज्ञेय मामला है, जिस पर तत्काल संज्ञान लिया जाना न्यायोचित एवं नितांत आवश्यक था। बावजूद इसके पुलिस ने देरी की। विवेचना के बाद एक आरोपी को लम्बे समय बाद गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पर इस प्रकरण में दूसरे आरोपी को खुला छोड़ दिया गया है। जो कि प्रतिदिन कोतवाली एवं सीएसईबी चौकी के अंतर्गत भ्रमण करता है। सीएसईबी चौकी के बाजू में टपरी-पान ठेला में प्रतिदिन नजर आता है। आरोपी काफी शातिर तथा अपने आप को पैसे वाला कहते हुए राजनीतिक पहुंच बताता है।पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती, ऐसा कहते हुए शहर में आई दिन घुमते हुए नजर आता हैं। इस तरह से पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान खड़ा करता है। ऐसी स्थिति में जनता का पुलिस विभाग पर से अविश्वास करना जायज होगा।

शिकायतकर्ता ने एसपी से निवेदन किया है कि, इन तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को शीघ्र ही गिरफ्तार कर कार्यवाही करने की की जाए, ताकी जनता का विश्वास पुलिस पर बना रहे। जमानत याचिका खारिज होने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाना पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान लगा रही है।