Thursday, November 5, 2026
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24 लाख की सड़क पर सब-इंजीनियर अनिल कुमार राम और ठेकेदार का डाका, प्रमोद नायडू ने किया आर-पार की लड़ाई का ऐलान!

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कटघोरा (कोरबा)।

नगर पालिका परिषद कटघोरा में मचे महाभ्रष्टाचार और लूट-खसोट को देखकर ऐसा लगता है कि यहाँ अंधेर नगरी चौपट राजा वाला हाल चल रहा है। सब-इंजीनियरों पर पूर्व में निलंबन की गाज गिरने के बाद भी यहाँ के अधिकारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है और महाभ्रष्ट उप अभियंता (सब-इंजीनियर) अनिल कुमार राम के खिलाफ सीधे आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज कराने और सख्त कानूनी शिकंजा कसने की मांग तेज हो गई है। अंबेडकर भवन के पास निर्माणाधीन सीसी रोड में खुलेआम बहती गंगा में हाथ धोने वाले इस इंजीनियर और ठेकेदार के जोड़ को लेकर नगरवासियों में भारी आक्रोश है।

24 लाख रुपये के टेंडर पर सरेआम डाका!

शासकीय निविदा के आधिकारिक और पुख्ता कानूनी दस्तावेजों (क्रमांक/361/तक०शा०/न०पा०प०/2025-26) के बिंदु क्रमांक 9 में यह स्पष्ट दर्ज है कि वार्ड क्र. 02 बी.एस.एन.एल. ऑफिस से बी.आर. अम्बेडकर भवन तक सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए कुल 24 लाख रुपये (24.00 लाख) की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है।

इस स्वीकृत राशि के खिलाफ जो काम कराया जा रहा है, वह जनता की आँखों में सीधे धूल झोंकने जैसा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगरीय प्रशासन के कड़े नियमों के अनुसार, इस मार्ग पर कम से कम 4 इंच का बेस (आधार) और 4 इंच की कांक्रीट लेयर (ढलाई) होना अनिवार्य है। लेकिन साइट पर सिर्फ 2 इंच का बेस और 2 इंच की ढलाई कर सीधे 50% राशि की खुलेआम चोरी ऊपर से सीनाजोरी की जा रही है। यह सीधे तौर पर सरकारी खजाने पर डाका डालना और धोखाधड़ी का गैर-जमानती अपराध है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हो मामला

इस खुली धांधली को लेकर नगर के प्रतिष्ठित नागरिक प्रमोद नायडू ने सीधे तौर पर मोर्चा संभालते हुए उप अभियंता अनिल कुमार राम को व्हाट्सएप पर फोटो और लिखित साक्ष्यों के साथ चेतावनी दी थी। प्रमोद नायडू ने अपने संदेश में स्पष्ट लिखा था कि 2 इंच से ज्यादा बेस और ढलाई नहीं हो रही है, लेकिन बिल 8 इंच का बनाने की तैयारी है।

इस पुख्ता कानूनी साक्ष्य और चेतावनी के बाद भी अनिल कुमार राम के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। कानूनन, भ्रष्टाचार की जानकारी होने और सुबूत मिलने के बाद भी कार्रवाई न करना, अधिकारी की इस महाघोटाले में सीधे संलिप्तता को प्रमाणित करता है। यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत दंडनीय अपराध है।

चार जगहों का प्रभार: पांचों उंगली घी में और सिर कढ़ाई में!

सूत्रों के मुताबिक, इस इंजीनियर की अकड़ और बेखौफ अंदाज के पीछे उसे मिला चार जगहों का प्रभार है। एक ही अधिकारी को चार-चार प्रभार सौंपकर प्रशासन ने जैसे उसे ‘पांचों उंगली घी में और सिर कढ़ाई में’ रखने की खुली छूट दे दी है। काम की मॉनिटरिंग के नाम पर शून्य और अवैध कमीशनखोरी में नंबर वन बन चुके अनिल कुमार राम को सरकार के नियम-कायदों का रत्ती भर भी खौफ नहीं है। तभी तो चिराग तले अंधेरा फैलाते हुए जनता के टैक्स के 24 लाख रुपये को अपनी जागीर समझकर अमानक काम को पास कराने का खेल खेला जा रहा है।

इंजीनियर का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो फोन उठाना लाजमी नहीं समझते

इस पूरे महाघोटाले और सरेआम हो रही वित्तीय अनियमितता को लेकर जब समाचार विभाग द्वारा जिम्मेदार उप अभियंता अनिल कुमार राम से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो हमेशा की तरह उनका अड़ियल रवैया देखने को मिला। इंजीनियर साहब मीडिया का फोन उठाना भी लाजमी नहीं समझते। शिकायतों और सवालों से बचने के लिए फोन से दूरी बना लेना यह साफ दर्शाता है कि दाल में कुछ काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है। जब जागरूक जनता या पीड़ित वार्ड वासी इस लूट पर सवाल उठाते हैं, तो अपनी कमियां छुपाने के लिए उप अभियंता अनिल कुमार राम उल्टा नागरिकों को ही झूठे नियमों का धौंस दिखाकर ‘कानून का पाठ’ पढ़ाने लगते हैं। इसे कहते हैं उल्टा चोर कोतवाल को डांटे!

प्रमोद नायडू का दोटूक अल्टीमेटम: आर-पार की लड़ाई का ऐलान

इस पूरे मामले में नगर के प्रतिष्ठित व जागरूक नागरिक प्रमोद नायडू ने अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। श्री नायडू ने प्रशासन को दोटूक शब्दों में चेतावनी देते हुए अल्टीमेटम दिया है कि यदि दो दिन के भीतर इस महाभ्रष्टाचार पर कोई कड़ी दंडात्मक कार्यवाही नहीं होती है, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। नगर के विकास के साथ खिलवाड़ और जनता के पैसों की इस डकैती को रोकने के लिए वे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने तथा इस भ्रष्ट इंजीनियर अनिल कुमार राम के विरुद्ध आगे की कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्यवाही करने के लिए पूरी तरह से मजबूर होंगे। प्रमोद नायडू के इस दमदार और जनहितैषी रुख को लेकर पूरे नगर पालिका क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।

कलेक्टर कोरबा और EOW तुरंत दर्ज करें FIR

अटल परिसर मूर्ति घोटाले में पूर्व में हुई निलंबन की कार्रवाई से यह साबित हो चुका है कि कटघोरा नगर पालिका का तकनीकी विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। अब जनता इस भ्रष्टाचार की लंका में आग लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस 24 लाख रुपये के गंभीर घोटाले पर कलेक्टर कोरबा और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) तत्काल संज्ञान लें। उप अभियंता अनिल कुमार राम के खिलाफ पद के दुरुपयोग, धोखाधड़ी और शासकीय राशि के गबन के आरोपों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की