छत्तीसगढ़-रायपुर// साय सरकार के सबसे पावरफुल अफसर बने आईएएस पी. दयानंद…कर्मनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाने जाते है मोहम्मद कैसर

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रायपुर।


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नवनियुक्त सेक्रेट्री पी. दयानंद तेज तर्रार, जनहितैषी, कर्मठता, दूरदृष्टि सोच, अडिग, प्रशासनिक कसावट और बेदाग छवि के अफसर माने जाते हैं। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2006 बैच के अफसर हैं। पी. दयानंद को सचिव ऊर्जा विभाग, खनिज साधन विभाग, विमानन विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग (रेल परियोजनाएं), जनसंपर्क विभाग की कमान सौंपते हुए प्रबंध निदेशक स्टेट पावर कंपनी बनाया गया है। यूपीएससी की ट्रेनिंग के दौरान पी. दयानंद भारत दर्शन फेज में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के दौर में भी पहुंचे थे। बाद में वे दंतेवाड़ा में जिला पंचायत सीईओ के तौर पर भी पदस्थ हुए और फिर सुकमा कलेक्टर रहने के दौरान वहां एजुकेशन सिटी बनाने का काम किया। प्रोबेशनर आईएएस के तौर पर पी. दयानंद अंबिकापुर के एसडीएम रहें थे। एलेक्स पॉल मेनन जब सुकमा के कलेक्टर थे तब उनका नक्सलियों ने अपहरण कर लिया था। उनकी रिहाई के बाद उनका सुकमा से तबादला कर दिया गया। तब पी.दयानंद कलेक्टर बना कर सुकमा भेजे गए। तब उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और सुकमा गए। सुकमा में वे कलेक्टर समेत बस्तर में विभिन्न पदों को मिलाकर तीन साल पदस्थ रहें। इस दौरान उन्होंने वहां आदिवासियों की शिक्षा की दिशा में बहुत काम किए।पी.दयानंद सुकमा, कवर्धा, कोरबा व बिलासपुर के कलेक्टर रहें। कोरबा में उन्होंने डीएमएफ मद से कई काम करवाए। सारे काम निचले तबके के विकास और शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए किया गया था। शिक्षा के प्रति उनका विशेष लगाव खासकर कोरबा में एडुकेशन हब बनाने को लेकर रहा । इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं को क्रियान्वित करने पर जोर दिया। उनके कार्यकाल के दौरान बेजा कब्जा, गैरकानूनी काम और नेताओं की सरपरस्ती में चलने वाले कई काम पर रोक लगा। बिलासपुर में बीस माह पदस्थ रहने के दौरान उन्होंने पेंड्रा मरवाही ट्रायबल एरिया में आदिवासियों को आवास उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम करवाए। बिलासपुर के कोटा ब्लॉक में स्थित करगी कला में वर्षों से बेघर सपेरों की कच्चे मकानों की बस्ती में दौरा करने के बाद कलेक्टर दयानंद ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से चर्चा कर पीएम आवास के नियमों में शिथिलता करवाई और सपेरों के लिए पक्के मकानों की कॉलोनी ही बना डाली। इसके अलावा वे बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान विजन 2020 बना कर चर्चा में आए थे।

इसी तरह श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक भारतीय प्रशासनिक सेवा 2007 बैच के आईएएस अफसर हैं, जिन्हें अभी सचिव छ.ग. राज्य निर्वाचन आयोग के साथ सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। सर्व शिक्षा अभियान के महाप्रबंधक एवं छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण विभाग के चेयरमैन की जिम्मेदारी सँभालते हुवे विभाग को बेहतर गति प्रदान कर चुके है।

श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक बीजापुर, कोरबा के कलेक्टर के साथ जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी रायगढ़ रह चुके हैं। इसकी कार्यशैली शांत, मिलनसार, कर्तव्यनिष्ठ, तत्परता, प्रशासनिक कसावट और जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महती भूमिका के साथ ही प्रदेश में एडुकेशन हब को नई ऊंची उड़ान प्रदान करने में रही है। प्रदेश में मनरेगा के कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर गति प्रदान करने वाले कोरबा के पूर्व कलेक्टर कैसर अब्दुल हक ने विशेष रूचि ली थी। साथ ही धान खरीदी के लिए बारदाना क्रय वितरण और अन्य आवश्यक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उत्कृष्ट कार्य के लिए जाना जाता है। पिछली कांग्रेस सरकार ने दोनों अफसर को ज्यादा तव्वजो नहीं दिया था। फिर भी अपनी कर्मनिष्ठा से अपनी अमिट छाप छोड़ते हुए कार्य करते रहे। सचिव स्तर के अधिकारी होने के बाद भी दोनों गुमनाम रहे, लेकिन नई सरकार में वह अब सबसे पावरफुल अफसर के तौर पर काम करने के लिए तैयार हैं ।