Sunday, October 25, 2026
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कोरबा//कुर्बानी के जज्बे के साथ मनाई जाएगी बकरीद…ईद उल अजहा पर इबादतगाहों में होगी विशेष नमाज

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कुर्बानी के जज्बे के साथ मनाई जाएगी बकरीद,ईद उल अजहा पर इबादतगाहों में होगी विशेष नमाज

कोरबा।।

कुर्बानी के जज्बे के साथ गुरुवार को ईद उल अजहा का पर्व मनाया जाएगा। बारिश को देखते हुए मस्जिदों में विशेष नमाज की तैयार की गई है। नमाज के बाद घरों में कुर्बानी की रस्म अदा की जाएगी।

ईद उल अजहा यानी बकरीद इस्लाम धर्म का दूसरा सबसे बड़ा त्यौहार है। बकरीद को बड़ी ईद भी कहते हैं। यह कुर्बानी का त्योहार है और इस दिन से जुड़ी पैगंबर इब्राहिम की पौराणिक कथा प्रचलित है। इस साल ईद की तारीख को लेकर बहुत से लोगों में उलझन की स्थिति बनी हुई है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, बकरीद आखिरी महीने में या 12वें महीने में मनाई जाती है। ईल उल अजहा माह-ए-जिलहिज्ज का चांद दिखने के 10 दिन बाद मनाते हैं। इस महीने 19 जून के दिन माह-ए-जिलहिज्ज का चांद दिखा था जिस चलते 29 जून के दिन बकरीद मनाई जाएगी। ईद के दौरान इस्लाम को मानने वाले अनेक लोग मक्का में एकत्रित होते हैं और इस पाक महीने को वहीं बिताते हैं।

इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर हजरत इब्राहिम मोहम्मद ने अपने आप को खुदा की इबादत में समर्पित कर दिया था। उनकी इबादत से अल्लाह इतने खुश हुए कि उन्होंने एक दिन पैगंबर हजरत इब्राहिम की परीक्षा ली। अल्लाह ने इब्राहिम से उनकी सबसे कीमती चीज की कुर्बानी मांगी, तब उन्होंने अपने बेटे को ही कुर्बान करना चाहा। दरअसल, पैगंबर हजरत इब्राहिम मोहम्मद के लिए उनके बेटे से ज्यादा कोई भी चीज अजीज और कीमती नहीं थी। कहा जाता है कि जैसे ही उन्होंने अपने बेटे की कुर्बानी देनी चाही तो अल्लाह ने उनके बेटे की जगह वहां एक बकरे की कुर्बानी दिलवा दी। अल्लाह पैगंबर हजरत इब्राहिम मोहम्मद की इबादत से बहुत ही खुश हुए।
मान्यताओं के मुताबिक, उसी दिन से ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी देने की परंपरा शुरू हुई। बकरीद को लेकर जिले के इबादतगाहों में विशेष नमाज के वक्त मुकम्मल किया गया है। बकरीद के दिन बकरे की कुर्बानी दी जाती हैं। इस कुर्बानी को रिश्तेदारों और दोस्तों से भी बांटा जाता है और मुबारकबाद दी जाती है। पूरा समुदाय मिलकर ईद का त्योहार मनाता है। ईद पर खुशियां बांटी जाती हैं और भाईचारे को बढ़ाया जाता है।

ईद उल अजहा की नमाज का वक्त
जगह समय

ईदगाह दुरपा रोड 8 बजे
जामा मस्जिद कोरबा 8.30 बजे
मदीना मस्जिद 8.30 बजे
गरीब नवाज मस्जिद 7.30 बजे
गेरवाघाट मस्जिद 8.30 बजे
मुड़ापार मस्जिद 8.15 बजे
नूरी मस्जिद 7.30 बजे