छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों के PG कोटा में कटौती अन्यायपूर्ण—कोटा पुनः 50% बहाल करने की मांग
कोरबा।।
राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों के पोस्ट ग्रेजुएट (PG) कोटा को 50% से घटाकर 25% किए जाने के निर्णय के विरोध में आज एक ज्ञापन जिलाधीश एवं कार्यपालक दंडाधिकारी महोदय, कोरबा के माध्यम से स्वास्थ्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को सौंपा गया।
प्रस्तुत ज्ञापन में बताया गया कि
यह निर्णय प्रदेश में सेवा दे रहे डॉक्टरों के प्रति अन्याय, छल एवं अधिकारों का हनन है।
विशेषकर पहाड़ी, वनांचल एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टर, जिन्होंने कोरोना जैसी महामारी में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा दी, उनके भविष्य पर यह निर्णय सीधा प्रहार करता है।
इससे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
ज्ञापन में मांग की गई कि डॉक्टरों का PG कोटा तुरंत प्रभाव से पुनः 50% बहाल किया जाए, जिससे उनके मनोबल, अधिकार एवं भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान प्रमुख रूप से —
राकेश पंकज,
युवा नेता पवन विश्वकर्मा,
कमलेश गर्ग,
महामंत्री विवेक श्रीवास,
ब्लॉक अध्यक्ष रविश यादव,
संगठन महामंत्री अमित सिंह
उपस्थित रहे और मुद्दे को गंभीर बताते हुए शासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।




