हत्या या साजिश : उत्तरप्रदेश के युवक की कटघोरा में मौत : खुद को युवक की पत्नी बताने वाली युवती पुलिस पूछताछ से पहले ही गायब : आखिर रहस्यमयी तरीके से गायब पत्नी कौन…? पढ़े पूरी खबर…
कोरबा।।

कटघोरा में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले 22 वर्षीय युवक अभिषेक कुमार गौड़ की मौत ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला महज एक संदिग्ध मौत का नहीं, बल्कि किसी सस्पेंस थ्रिलर की तरह उलझता जा रहा है, जहां हर कदम पर एक नया राज सामने आ रहा है।
वो गहरे राज, जिन्होंने पुलिस और परिवार को चौंकाया:
रहस्यमयी ‘पत्नी’ की एंट्री और एग्जिट: अभिषेक की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में एक अनजान महिला पहुंचती है। वह खुद को अभिषेक की पत्नी बताती है और दावा करती है कि उनके दो बच्चे भी हैं। लेकिन जैसे ही पुलिस उससे पूछताछ शुरू करती है, वह चकमा देकर अस्पताल से अचानक गायब हो जाती है। आखिर वह महिला कौन थी और पुलिस को देखकर क्यों भागी?
गायब मोबाइल और सारे अहम दस्तावेज: अभिषेक के पास से उसका मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई भी अन्य पहचान पत्र नहीं मिला।
जेब में सिर्फ ₹401 और एक नंबर: उसकी तलाशी लेने पर जेब से केवल ₹401 नगद और कागज का एक टुकड़ा मिला, जिस पर एक मोबाइल नंबर लिखा हुआ था।
बिलासपुर का मजदूर, कटघोरा में मौत क्यों?: अभिषेक पिछले दो साल से बिलासपुर की एक ग्लास फैक्ट्री में काम कर रहा था। मंगलवार (14 जुलाई) को वह अचानक कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अत्यंत गंभीर हालत में मिला। उसे जहर के लक्षण होने के कारण मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। आखिर वह बिलासपुर से कटघोरा कैसे और किसके साथ पहुंचा?
एक पर्ची ने खोला घर का रास्ता
अभिषेक की जेब से मिली पर्ची पर लिखे नंबर के जरिए पुलिस ने प्रयागराज में रहने वाले उसके पिता नीरज कुमार गौड़ से संपर्क किया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही बदहवास परिजन तुरंत कटघोरा पहुंचे। परिजनों ने स्वीकार किया कि अभिषेक ने उन्हें शादी करने की बात तो बताई थी, लेकिन वह लड़की कौन है और कहां की रहने वाली है, इसकी जानकारी परिवार में किसी को नहीं थी।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। रोते-बिलखते पिता और रिश्तेदारों ने इस मौत को सुनियोजित साजिश बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का आरोप है कि अभिषेक की जान लेने के पीछे कोई बड़ा रैकेट या गहरी साजिश हो सकती है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और बारीकी से जांच करने की मांग की है ताकि सच सामने आ सके।




